होने वाले पति से मुझे काई बार चोद लिया और शादी से मुकर गया

हलो दोस्तों, मैं गीतू शर्मा आप लोगो का नॉन वेज स्टोरी में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। आज मैं आपको अपनी सेक्सी स्टोरी सुनाने जा रही हूँ। मैं एक २३ साल की जवान लड़की हूँ। मैं बहुत खूबसूरत हूँ। मेरे बूब्स ३६” के है।  मेरी कमर काफी पतली और सेक्सी है। मेरे हिप्स बहुत ही खूबसूरत है और ३४” के है। मैं देखने में बहुत सेक्सी लगती हूँ। पर मैं कुवारी हूँ ये मैं नही कह सकती। क्यूंकि मैं एक छलिये के द्वारा कई बार चुद चुकी हूँ। आपको मैं पूरी बात बताती हूँ।


दोस्तों, जब मैं पूरी तरह से जावन हो गयी और चुदवाने लायक हो गयी तो मेरे पापा मेरी शादी की बात करने लगे। मेरे पापा एक बैंक में काम करते है और बाबू है। पापा मेरे लिए शादी ढूंढने लगे। कोई लड़का उनको नही मिल रहा था। कुछ दिनों बाद मेरे चाचा ने बताया की मेरे शहर रामपुर में ही उनका एक रिश्तेदार है जो अभी अभी बैंक में पी ओ प्रोबश्नरी ओफिसर हुआ है और मेरे लिए वो लकड़ा बिलकुल सही रहेगा। उसका नाम जयप्रकाश था। मेरे पापा जयप्रकाश की ऑफिस में जाकर मिल आये। उनको वो मेरे लिए सही लगा। धीरे धीरे जयप्रकाश रोज मेरे घर आने लगा। पर अभी उसकी नौकरी प्रोबेशन पर थी। और एक साल तक ट्रेनिंग होने के बाद वो पक्का हो जाता। जब पापा ने उससे पूछा की मैं उसको कैसी लगी तो वो बोला की मैं उसे बहुत अच्छी लगी और वो मुझसे ही शादी करेगा, पर नौकरी पक्की होने के बाद वो शादी करेगा।


इसलिए दोस्तों, मेरे पापा उसे आये दिन खाने पर बुलाने लगे। एक दिन जब शाम को वो आया तो मेरे घर कर कोई नही था। जयप्रकाश ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे किस करने लगा।


“छोड़िये जी!! ये आप क्या कर रहे है???’ मैंने जयप्रकाश से कहा


“क्यों!! जब कुछ दिनों बाद तुमसे शादी करनी है और हमेशा के लिए तुम्हारा हाथ पकड़ना है तो मैं क्यों छोड़ो???’ जयप्रकाश बोला। धीरे धीरे मुझे भी वो पसंद करने लगा और धीरे धीरे मैं भी उसको चाहने लगी। उसके बाद हम एक दूसरे को किस करने लगे। जयप्रकाश ने मुझे खड़े खड़े ही पकड़ लिया और मेरे कंधों पर अपने हाथ रख दिए और मेरे मुँह पर मुँह रखकर वो मुझे चूमने लगा। उसके होठ मेरे होठ से चिपक गये थे। वो अपना मुँह चला चलाकर मेरे गुलाबी संतरे जैसे होठ पी रहा था। तो मुझे भी उसका साथ भाने लगा। मैं भी अपना मुँह चलाकर उसके होठ पीने लगा। फिर जयप्रकाश ने मुझे सीने से लगा लिया। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था दोस्तों।


मैं आज तक किसी लड़के से चुदी नही थी और ना की किसी लड़के से मेरा कभी कोई अफेयर था। आज जब मैं अपने होने वाली पति से गले लगी तो मुझे बहुत अच्छा लगा। ऐसा लग रहा था की मैं अभी तक अधूरी थी और जयप्रकाश से मिलकर मैं पूरी हो गयी थी। जयप्रकाश ने मुझे बाहों में कसके भर लिया था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मेरे ३६” के बुब्स उसके सीने से दबे जा रहा थे। कुछ देर बाद जयप्रकाश मुझे यहाँ वहां छूने लगा। मेरी पीठ सहलाने लगा और कुछ समय बाद मेरे चुतड पर उसके हाथ आ गये और मेरे गुप्तांग को छूने लगा।


“गीतू!! आई लव यू!!” जयप्रकाश बोला


तो मैंने भी उसे बदले में आई लव यू बोल दिया। फिर उसने मेरे हिप्स पर अपना हाथ रख दिया और मेरे मस्त मस्त गोल मटोल चूतड़ों को सहलाने लगा जैसे मैं उसका घर का माल हूँ और चोदने खाने वाला सामान हूँ।


“तुम्हारे हिप्स का कितना साईज होगा?? ३४ तो आराम से होगा???” जयप्रकाश बोला


“धत्त्त !! ऐसे कोई कहता है क्या?? अभी तो हम लोगो की शादी भी नही हुई है??”मैंने कहा


“….तो क्यों परेशान हो जान !! थोडा इन्तजार करो ! नौकरी पक्की होते ही मैं तुमको डोली में ले जाऊंगा!!” जयप्रकाश बोला और मुझे किस करने लगा। दोस्तों, वो बाते बनाने में इतना माहिर था की मैं आप लोगो को क्या बताऊँ। वो तरह तरह की बहुत मीठी मीठी बाते कर रहा था। कुछ देर बाद जयप्रकाश फिर से मेरे मस्त मस्त गोल गोल चूतड़ों को सेक्सी अंदाज में छूने लगा और उनका नाप पता करने लगा।


“ऐ! गीतू !! यार तुझे चोदने का बड़ा मन कर रहा है! चल कमरे में चलके चूत दे ना!” जयप्रकाश बोला


“धत्त !! शादी से पहले इस तरह की बात नही करनी चाहिए!!” मैंने प्यार से कहा और उनके मुँह पर अपना हाथ रख दिया जिससे वो आगे कुछ बोल ना पाए। पर दोस्तों, जैसा मैंने आपको बताया की वो बात करने में बहुत होशियार था। उसने मुझे झटके से अपनी गोद में उठा लिया और अंदर कमरे में ले गया। वो मुझे बार बार मेरे हसीन होठो पर किस कर रहा था। मैं उसकी बाहों में उसकी गोद में झूम रही थी, मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। आज किसी लड़के ने पहली बार मुझे गोद में उठाया था। मैं जान गयी थी वो कमरे में क्यों जा रहा था। मुझे अंदाजा हो गया था की वो मुझे कमरे में ले जाकर चो…..चोदेगा ये बात कहते हुए मुझे बड़ी शर्म आ रही है सायद मैं भी चुदवाने के मूड में थी।


जयप्रकाश मुझे अंदर ले गया और उसने मेरा दुपट्टा हटा दिया। फिर उसने मेरी कमीज निकाल दी। अब मैं ब्रा में हो गयी थी। जयप्रकाश ने किसी शेर की तरह झपट्टा मारके मेरी ब्रा निकाल दी तो मेरी बड़ी बड़ी, भारी भारी छातियाँ उसके सामने आ गयी। मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा। जयप्रकाश ने मुझे बिस्तर पर लेता दिया और मेरे दूध पर अपना हाथ रख दिया। मुझे बड़ा अजीब लगा। क्यूंकि २३ साल की उम्र के दौरान किसी लड़के ने मेरी नंगी छातियों पर अपना हाथ नही रखा था।


“नही जयप्रकाश!! ये गलत है! अभी शादी से पहले मैं कैसे तुमसे चुदवा सकती हूँ??…नही ये गलत होगा!! ये पाप होगा!!” मैंने कहा और अपनी रसीली आम जैसी दिखने वाली छातियो को अपने हाथ से छुपा लिया। मैं शादी से पहले जयप्रकाश को अपने कोमल कोमल दूध नही पिलाना चाहती थी।


“तू भी गीतू!! कैसी बात कर रही है??..आजकल की लड़कियां तो शादी से पहले ही अपने बॉयफ्रेंड और मंगेतर से चुदवा लेती है। चल हाथ हटा यार!! …..नाटक मत कर!! तेरी चूत मारने का बहुत दिल है…..प्लीस मूड की माँ बहन मत कर यार!!” जयप्रकाश बोला।


दोस्तों, मैं सोचने लगी की जब शादी इसी से होनी है तो क्यूँ न चुदवा ही लूँ। आखिर एक साल बाद यही जयप्रकाश मेरे मीठे मीठे आम मस्ती से पियेगा मेरी गुलाबी चूत में यही लड़का ही तो लंड देगा और मुझे कसके चोदेगा। दोस्तों, ये सब बातेब सोचकर मैंने हाथ हटा लिया।


“ठीक है जयप्रकाश!! चोद लो मुझे!!” मैंने कहा और अपनी मस्त मस्त कड़क छातियों से मैंने हाथ हटा लिए। मेरा होने वाला पति और मंगेतर जयप्रकाश मेरे मस्त मस्त रसीले दूध को हाथ में लेकर जोर जोर से दबाने लगा और फिर मुँह में भरके मेरे आम पीने लगा। दोस्तों, इस समय मेरे घर पर कोई नही था और मेरे पापा मम्मी को बिलकुल नही मालूम था की मैं जयप्रकाश से चुदवाने जा रही हूँ। जब जयप्रकाश बड़ी देर तक मेरे दूध दबाता रहा और पीता रहा तो मुझे भी अच्छा लगने लगा। मैंने उसके गले में हाथ डाल दिया और प्यार से उसके चेहरे को मैं अपने हाथ से छूने और सहलाने लगी। वो मेरे मस्त मस्त आम को मुँह में भरके पी रहा था और मजे मार रहा था। मुझे भी दूध पिलाने में बहुत मजा मिल रहा था। और मेरी चूत गीली हुई जा रही थी। मेरा मंगेतर जयप्रकाश मेरी चुच्ची की काली सेक्सी निपल्स को दांत में लेकर चबा रहा था।


थोडा दर्द भी हो रहा था, पर मजा भी खूब मिल रहा था। मैं आज तक किसी लड़के से ना ही फसी थी और ना ही चुदी थी। आज तक मैंने अपनी गुलाबी चूत में किसी लड़के का लंड नही लिया था और ना ही चुदवाया था। कुछ देर बाद जयप्रकाश ने अपने कपड़े निकाल दिए और अपना लंड हाथ में लेकर फेटने लगा।


“गीतू!! मेरी जान !! कभी देखा है इतना बड़ा लंड???’ जयप्रकाश ने प्यार से पूछा


“नही !! तुम्हारा लंड तो वाकई बहुत बिग है!!” मैं बोली


“आ …..छूकर देख!!” जयप्रकाश बोला तो मैंने हिम्मत करते हुए अपना हाथ आगे बढाया। मैं डर रही थी, क्यूंकि मैंने आज तक छोटे बच्चो के छोटे छोटे लंड तो बहुत देखे थे, पर किसी वयस्क लड़के का शक्तिशाली और ताकतवर लंड मैंने नही देखा था।


“बाप रे!! ….जयप्रकाश इस लंड से तुम क्या करोगे??” मैंने पूछा


“अरी जान !! इसी से तो मैं तुमको चोदूंगा!!” जयप्रकाश बोला


फिर मैं शरमा गयी। फिर जयप्रकाश अपने केले लंड को मेरे बूब्स से छुआने लगा। मेरी मुलायम निपल्स में वो अपना लंड गडा रहा था। कुछ देर बाद उसने मेरी सलवार खोल दी और अपना हाथ अंदर डाल दिया। मैंने पेंटी पहनी हुई थी। जयप्रकाश पेंटी के उपर से मेरी चूत सहलाने लगा। बड़ी देर तक वो मेरी चूत रगड़ता रहा। कुछ देर बाद मैं पूरी तरह से गरम हो चुकी थी और चुदने के लिए तैयार हो गयी थी। जब बहुत देर तक मेरा मंगेतर जयप्रकाश मेरी चूत सहलाता रहा तो मेरी बुर गीली हो गयी और उसमे से माल निकलने लगा। मैं इतनी तडप बर्दास्त नही कर पायी।


“जयप्रकाश!! प्लीस मुझे जल्दी चोदो !! वरना मैं मर जाऊँगी!! प्लीस अब मेरी चूत में ऊँगली मत करो, अब इसमें जल्दी से लंड डाल दो और मुझे रगड़कर चोदो जयप्रकाश!!” मैं कहने लगी। जयप्रकाश ने मेरी सलवार और पेंटी उतार दी। मुझे पूरी तरफ से उसने नंगा कर दिया। फिर मेरे घुटने उसने मोड़ दिए और मेरे दोनों पैर खोल दिए। अब मेरी रसीली डबडबाई चूत उसके सामने थी।


“हाय !! गीतू !! मैंने आजतक कई लड़कियाँ चोदी है पर ऐसी खूबसूरत चूत मैंने आज तक नही देखी है!!” जयप्रकाश बोला। उसके बाद वो मेरी चूत पीने लगा। मेरी चूत पर अपनी जीभ घुमाने लगा। मेरी बुर से निकलने वाला सारा पानी तो मस्ती से पिये जा रहा था। जैसे उसको कितना मजा मिल रहा हो। जयप्रकाश की जीभ मेरी गुलाबी चूत की मस्ती से पी रही थी। मेरी लम्बी चूत को वो उपर से नीचे तक चाट रहा था। कुछ देर में जयप्रकाश ने मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगा। मैं अंगडाई लेने लगी और चुदने लगी। दोस्तों, मैं अभी तक कुवारी कन्या थी, पर अब नही रह रही थी। मैंने नीचे देखा तो मेरी चूत में मेरे मंगेतर का मोटा शक्तिशाली लंड अंदर घुस चूका था और मेरी नादान चूत को देदर्दी से चोद रहा था।


मेरी मासूम बुर से गाढ़ा लाल रंग का खून निकल रहा था। जयप्रकाश जल्दी जल्दी उपर नीचे कमर चलाकर मुझे चोद रहा था। वो बार बार उपर नीचे अपनी कमर मटका रहा था। मैं चुद रही थी और उसका मोटा केले जैसे लम्बा लंड खा रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था दोस्तों। हालाकि थोडा दर्द भी मेरी चूत में हो रहा था। मुझे बड़ा नशीला नशीला लग रहा था जैसे कोई नशा चढ़ता जा रहा है। मुझे चोदते चोदते जयप्रकाश का लंड और जादा तमतमा गया था और जादा मोटा हो गया था। कुछ देर बाद वो जयप्रकाश मुझे हौंक हौंक के पेलने लगा जिससे मेरी चूत से पट पट की आवाज आने लगी। मैंने उसे अपनी बाहो में भर लिया और मैं उससे पूरी तरह लिपट गयी। मेरी उससे शादी नही हुई थी।


पर फिर भी मैं उससे चुदवा रही थी। क्यूंकि जयप्रकाश का कहना था की आजकल की जवान चुदासी लड़कियां शादी से पहले ही चुदवा लेती है। इसलिए मैं भी उससे ठुकवा रही थी। जयप्रकाश ने फिर मेरे होठो पर अपने होठ रख दिए और मुझे बड़े प्यार से चूमने लगा। मेरे होठ चूमते चुमते वो मुझे चोद रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था दोस्तों। कुछ देर बाद वो मेरी बुर में ही झड़ गया। हम दोनों पसीना पसीना हो गये।


“गीतू!! मेरी जान कैसा लग चुदकर??? मजा आया की नही????’ जयप्रकाश बोला


“हाँ जयप्रकाश!! बहुत मजा मिला!” मैंने कहा


उसके बाद दोस्तों हम फिर से प्यार करने लगे। जयप्रकाश ने मुझे एक बार और चोदा। फिर चला गया। दोस्तों, इसी तरह अब रोने आने लगा था। जब मेरे घरवाले होते थे तो वो कुछ नही कर पाता था, पर जब मैं घर पर अकेली होती थी तो वो मुझे बिना चोदे मानता ही नही था। चाहे मैं उससे जितना मना करू पर वो मुझे पेलता जरुर था। अब ११ महीने बीत चुके थे और जयप्रकाश का १ साल पूरा होने वाला था। सिर्फ १ महीना कम था। एक दिन जयप्रकाश रात को मेरे घर आ गया। मेरे घर वाले किसी पार्टी में गये थे। जयप्रकाश ने मुझे पकड़ लिया और मेरे मम्मे दबाने लगा।


“चल चूत दे!!” जयप्रकाश बोला


“जयप्रकाश!! मेरी तबियत कुछ ठीक नही लग रही है! मुझे बाद में चोद लेना!” मैंने उससे रिक्वेस्ट की


“जान !! मेरा मूड ख़राब मत करो!! २ मिनट लगेगा बस!!” जयप्रकाश बोला और जिद करने लगा। इसलिए मुझे उसकी बात माननी पड़ गयी। मैंने अपनी सलवार का नारा खोल दिया और पेंटी उतार दी और बिस्तर पर लेट गयी। जयप्रकाश कुछ देर तक मेरी चूत में ऊँगली करता रहा। फिर मेरी बुर पीने लगा। कुछ देर बाद उसने मुझे दोनों हाथो और घुटनों के बल कुतिया बना दिया और पीछे से मेरी चूत में लंड डाल दिया। जयप्रकाश मुझे जोर जोर से चोदने लगा। जैसी कोई चुदासा चूत का प्यासा कुत्ता किसी कुतिया को चोदता है, ठीक उसी तरह मेरा मंगेतर जयप्रकाश मुझे चोद रहा था। मेरी चूत से चट चट की मीठी आवाज आने लगी। २० मिनट तक मैं चुदती रही। फिर जयप्रकाश मेरी बुर में ही आउट हो गया। उसके बाद दोस्तों उसने अचानक से मेरे घर आना बंद कर दिया। एक दिन जब मेरे पापा उससे मिलने बैंक गये तो पता चला की उसका ट्रांसफर हो गया है। उस बहनचोद ने मुझे १ साल तक मजे लेकर खूब चोद खा लिया, पर ये बात मैं अब अपने घर वालों को कैसे बताऊँ। ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।



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